Category: नंद चतुर्वेदी

युध्द- एक मन: स्थिति

फिर एक घृणा का अन्धा सर्प उन्मत्त हो गया है अब हमें फिर चन्दन की घाटियों में बारूद बिछानी पड रही है हम इस सन्ताप को कभी नहीं भूलेंगे …

गंगास्नान के लिए

गोपीनाथ अपने गांव से गठरी लेकर चला था अब शहर में सडक पार करना है रास्ते दिखते हैं कई कौन-सा रास्ता जाता है हरिद्वार या गया या प्रयाग शहर …