Category: नन्द चतुर्वेदी

प्रेमी के बारे में

हवा से मैंने प्रेम के बारे में पूछा वह उदास वृझों के पास चली गई सूरज से पूछा वह निश्चिंत चट्टानों पर सोया रहा चन्‍द्रमा से मैंने पूछा प्रेम …