Category: मनोज कुमार ‘आदि’

तेरी अंगड़ाइयां

तेरी अंगड़ाइयां, तेरी परछाइयाँ तेरी अंगडायिओं का पीछा , तेरी परछाइयाँ करती हैं तुम अंगड़ाइयां लेती रहो लोग परछाइयाँ तकते रहें हर कसान के ढील में परछाइयाँ परेसान होती …