Category: मनजीत सिंह दहिया

बस हूँ मैँ तेरा

रोको न मुझे मेरे यारोँ, करने दो सनम को याद जरा। मेरी जिँदगी बस है उनसे, जाने उनमेँ मैँ हूँ क्यूँ रंगा॥ पागल यूँ नहीँ उसके पीछे, कसूर है …