Category: मनिंदर सिंह मनी

ग़ज़ल- वो हमें देखकर मुस्कुराने लगे |

वो हमें देखकर मुस्कुराने लगे | हाल नज़रो से दिल का बताने लगे || है उठाते गिराते लटों को कभी | वो अदाओं की बिजली गिराने लगे || हाल …

ग़ज़ल-हैं नहीं आग कलमो में पुरानी सी यारो |

ग़ज़ल-हैं नहीं आग कलमों में पुरानी सी यारों | हैं नहीं आग कलमों में पुरानी सी यारों | बात दिखती नहीं कोई सयानी सी यारों || क्यों नहीं बन …

इश्क की सजा—-मनिंदर सिंह “मनी”

कभी नीले आसमाँ के तले, हमनवां मुझे थे तुम मिले, नीले सागर के किनारे, नैन से नैन मिले हमारे, बैठा सपनो की किश्ती में, वादे हुये दिल की बस्ती …

ग़ज़ल- कब से मेरा तडपे हैं दिल-मनिन्दर सिंह “मनी”

कब से मेरा तडपे हैं दिल । अाकर मुझ को साजन तू मिल ।। यादों में तेरी खोया मैं । दिल में मेरे तू बस कर खिल ।। दीवाना …

गीत-राह उम्र भर देखूंगी तेरी-मनिंदर सिंह “मनी”

राह उम्र भर देखूंगी तेरी, जिद है ये खुद से मेरी कहे जमाना कुछ भी मुझ को, रब है माना मैंने तुझ को, मेरी हर धड़कन है तेरी, राह …

तुम ही मुझको बतलाओ–मनिंदर सिंह “मनी”

तुम ही मुझको बतलाओ, छोड़ कहाँ मैं तुमको जाऊ,, रूठ गये हो तुम तो मुझसे, फेर मुँह बैठ गये चुप से,, बोलो कुछ तो बोलो तुम, छोड़ो गुस्सा चलो …

झाँक देख लो दिल में यारो—मनिंदर सिंह “मनी”

झाँक देख लो दिल में यारो, हम कितने है बदल गये,, जग में बनने क्या आये थे, क्या से क्या बन आज गये,, बाट लिया खुद को ही हमने, …

मैं हिन्दू. तू मुस्लिम….. मनिंदर सिंह “मनी”

मैं हिन्दू. तू मुस्लिम, मैं सिख, तू ईसाई, कहीं तूने , कहीं मैंने, धर्म की दीवार सजायी,, अपने ही मद में हमने, इंसानियत भुलायी,, मैं हिन्दू. तू मुस्लिम, मैं …

गीत-तेरी बिटिया-मनिंदर सिंह “मनी”

ऐ माँ मैं हूँ तेरी बिटिया, नन्ही, प्यारी सी बिटिया, लगा गले मुझे आज अपने, आँचल में तेरे देखूं सपने,, कभी पराया न मुझे करना, आँखों से ओझल मत …

गीत-ना रोको मुझे कहने दो-मनिंदर सिंह “मनी”

ना रोको मुझे कहने दो, अपनी रवानी में बहने दो, तन्हा तन्हा था सफर मेरा, जग में ना था कोई मेरा,, दिल पर आहट दी तुमने, वजह जीने की …

गीत—तेरे दिल में…..मनिंदर सिंह “मनी”

तेरे दिल में, मुझे बनाने दे बसेरा, हो के रह जाऊ. सनम तेरा सिर्फ तेरा मुराद मेरी तुझ को पाना, तेरे लिए ही मर मिट जाना, जुस्तजू, आरजू तू …

ग़ज़ल-बात मुझ से आप कर के देखिये-मनिंदर सिंह “मनी”

बात मुझ से आप कर के देखिये | आज थोड़ा सा सवंर के देखिये || क्यों नहीं नजदीक आते हमनवां | मेरे नैनो में उतर के देखिये | तुम …

शहीद (चौपाई छंद)….मनिंदर सिंह “मनी”

लिपट तिरंगे में अब आये हँसते हँसते फ़र्ज़ निभाये | इतनी चुप्पी क्यों हो डाले, दूर देश को जाने वाले || देखो रोते बालक कैसे तुम बोलोगे ना अब …

महफ़िल—-मनिंदर सिंह “मनी”

जब भी तेरी महफ़िल सजती बात वहाँ बस मेरी चलती।। मेरी कमी तुझे अब खलती याद शूल बन हरपल चुभती।। हँसना तेरा झूठा लगता गम तेरे होठो पर सजता। …

आया रे नया साल आया—-मनिंदर सिंह “मनी”

आया रे नया साल आया, खुशियो की फुहार लाया,, स्वागत करो सभी आज मिल, हर्ष से भर उठे हर दिल,, ईष्या को मन से मिटा कर, प्रेम का दीपक …