Category: मनिंदर सिंह मनी

गीत-तेरी बिटिया-मनिंदर सिंह “मनी”

ऐ माँ मैं हूँ तेरी बिटिया, नन्ही, प्यारी सी बिटिया, लगा गले मुझे आज अपने, आँचल में तेरे देखूं सपने,, कभी पराया न मुझे करना, आँखों से ओझल मत …

गीत-ना रोको मुझे कहने दो-मनिंदर सिंह “मनी”

ना रोको मुझे कहने दो, अपनी रवानी में बहने दो, तन्हा तन्हा था सफर मेरा, जग में ना था कोई मेरा,, दिल पर आहट दी तुमने, वजह जीने की …

गीत—तेरे दिल में…..मनिंदर सिंह “मनी”

तेरे दिल में, मुझे बनाने दे बसेरा, हो के रह जाऊ. सनम तेरा सिर्फ तेरा मुराद मेरी तुझ को पाना, तेरे लिए ही मर मिट जाना, जुस्तजू, आरजू तू …

ग़ज़ल-बात मुझ से आप कर के देखिये-मनिंदर सिंह “मनी”

बात मुझ से आप कर के देखिये | आज थोड़ा सा सवंर के देखिये || क्यों नहीं नजदीक आते हमनवां | मेरे नैनो में उतर के देखिये | तुम …

शहीद (चौपाई छंद)….मनिंदर सिंह “मनी”

लिपट तिरंगे में अब आये हँसते हँसते फ़र्ज़ निभाये | इतनी चुप्पी क्यों हो डाले, दूर देश को जाने वाले || देखो रोते बालक कैसे तुम बोलोगे ना अब …

महफ़िल—-मनिंदर सिंह “मनी”

जब भी तेरी महफ़िल सजती बात वहाँ बस मेरी चलती।। मेरी कमी तुझे अब खलती याद शूल बन हरपल चुभती।। हँसना तेरा झूठा लगता गम तेरे होठो पर सजता। …

आया रे नया साल आया—-मनिंदर सिंह “मनी”

आया रे नया साल आया, खुशियो की फुहार लाया,, स्वागत करो सभी आज मिल, हर्ष से भर उठे हर दिल,, ईष्या को मन से मिटा कर, प्रेम का दीपक …

इबादत सी लगे मुझे इश्क-मनिंदर सिंह “मनी”

इबादत सी लगे मुझे इश्क, सौगात सी लगे मुझे इश्क,, पत्थरो को कर दे मोम सा, मोहिनी सी लगे मुझे इश्क,, माँ का प्रेम लगे मुझे इश्क, बाप की …

मैं कौन हूँ……मनिंदर सिंह “मनी”

मैं कौन हूँ, इस सवाल में उलझा हूँ मैं, कहाँ से आया, कहाँ है जाना, क्या पहचान है मेरी, क्या मंजिल है मेरी, क्या वजूद है मेरा, क्या कर्तव्य …

मुस्कान-मनिंदर सिंह “मनी”

जाने कहाँ गुम हो गयी मुस्कान, जाने कहाँ जा सो गयी मुस्कान,, दिखती नहीं अब चेहरे पर मेरे, अभी यही थी कहाँ गयी मुस्कान,, बड़ी ख़ुशी की चाह में …

गीत-माँ माँ माँ मेरी माँ-मनिंदर सिंह “मनी”

माँ माँ माँ मेरी माँ, बता तू है कहाँ,, आयी नहीं, तू मुड़ कर, बस गयी तू जाने कहाँ,,,, मैं ढूंढू हूँ तुझ को, कभी यहाँ, कभी वहाँ,,,, माँ …

गीत-चली रे चली पुरवईया-मनिंदर सिंह “मनी”

चली रे चली पुरवईया, चली रे चली पुरवईया, सही ना जाये, दूरी तुझ से, छोड़ सनम, तू आज सेवईया, चली रे चली पुरवईया, चली रे चली पुरवईया, काहे उम्र …

हवा ये कैसी चली है-गीत-मनिंदर सिंह “मनी”

हवा ये कैसी चली है, हवा ये कैसी चली है, मर रही इंसानियत, लाजो शर्म भूला हर कोई, देख औरो की ख़ुशी, रोने की रीत, ये कैसी चली है, …

आँखों से तेरी छलकता है इश्क-मनिंदर सिंह “मनी”

आँखों से तेरी छलकता है इश्क, बन गीत लब पर थिरकता है इश्क, काली घटा सी जुल्फें है तेरी ये, जुल्फें देख तेरी सवँरता है इश्क, हम हो गये …

आँखों से वो गुस्ताखियां करने लगा—-ग़ज़ल

आँखों से वो गुस्ताखियां करने लगा, हर बात वो दिल की, नज़र से पढ़ने लगा, पहला मिलन है आज उस से यूँ मेरा, फिर जाने क्यों वो आदतन लगने …

देखो सभी, तेवर बदलने लगे नोट….मनिंदर सिंह “मनी”

देखो सभी, तेवर बदलने लगे नोट, खुद ही जेबो से अब निकलने लगे नोट, था रुपया, कब से तिजौरी में ही बंद, ताज़ी हवा में आज उड़ने लगे नोट, …

उत्सव……….मनिंदर सिंह “मनी”

आते रहे, जाते रहे हर बरस, उत्सव ही उत्सव, थोड़ा और कमा कर, बाद में मनाऊंगा उत्सव, जिंदगी गुजरती गयी जादुई कागज़ कमाने में, हर बार यही सोचा मैंने, …

ख्यालो में गुजरने है लगी हर शब्…..मनिंदर सिंह “मनी”

ख्यालो में गुजरने है लगी हर शब्, सनम पल पल संवरने है लगी हर शब्,, जुदाई अब, सही जाये न ऐ बालम, सहारा तेरा, तरसने है लगी हर शब्,, …