Category: माज़ी की पर्तों से

जब याद अचानक माज़ी की परतों से कोई आएगी

जब याद अचानक माज़ी की परतों से कोई आएगी तब रिमझिम आँसू बरसेंगे और ग़म की बदली छाएगी   मंज़र कोई दिख जाएगा, इक बर्ख बदन में दौड़ेगी बीते …