Category: ललित निरंजन

क्या बोया , क्या पाया, क्या खोया ?

क्या बोया, क्या पाया, क्या खोया…? बहुत कुछ बोया, बहुत कुछ पाया, बहुत कुछ खोया.! अब जब बीत गयी ज़िन्दगी तीन चौथाई, फिर भी समझ नहीं पाता क्या कुछ …

‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’ ?

‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’ ? ——————————————— अक्सर पूछा जाता है एक प्रश्न ? वह भी अंग्रेजी में ‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’ ? अब हम तो ठहरे हिंदुस्तानी …

“मैं समुद्र हूँ,

“मैं समुद्र हूँ, समुद्र क्या कहता है ? और फिर मैं समुद्र को किस नज़रिए से देखता हूँ, दोनों का समावेश है इस छोटी सी कविता में……………! “मैं समुद्र …