Category: किशन सिंह ‘शेर’

दोनों में फासला रखना था बहुत देर पहले से,

दोनों में फासला रखना था बहुत देर पहले से, जीने का हौसला रखना था बहुत देर पहले से, इक छोटे से गम ने रूह को झकझोर दिया है, गमों …

कुछ गलतियाँ, गुनाह बनने से पहले संभाली जाये

कुछ गलतियाँ, गुनाह बनने से पहले संभाली जाये, क्योंकि जेहन का इल्जाम महंगा पडता हैं। महफ़िलों मे जाओ तो ये बात याद रहे कि दोस्त का बढ़ाया हुआ हर …

बन्ध मुक्त कर दे मुझको तु

द्वैत नहीं, अदैत भाव से, ना शब्द, ना ही संकेत भाव से। बन्ध मुक्त कर दे मुझको तु , रश्मि युक्त कर दे मुझको तु । तिमिर मिटा दे …

वो आंखों से तेरी पहली मुलाकात का सफर

वो आंखों से तेरी पहली मुलाकात का सफर, बहुत मंहगा पडा मुझे ये ख्यालात का सफर, तुझे पाया या खो दिया,इसका अंदाजा नहीं है, अजीब होता है थोड़ा सा …