Category: क़तील शिफ़ाई

हाथ दिया उसने मेरे हाथ में

हाथ दिया उसने मेरे हाथ में। मैं तो वली बन गया एक रात मे॥ इश्क़ करोगे तो कमाओगे नाम तोहमतें बटती नहीं खैरात में॥ इश्क़ बुरी शै सही, पर …

हर बे-ज़बाँ को शोला नवा कह लिया करो

हर बेज़ुबाँ को शोला-नवा कह लिया करो यारो, सुकूत ही को सदा कह लिया करो ख़ुद को फ़रेब दो कि न हो तल्ख़ ज़िन्दगी हर संगदिल को जाने-वफ़ा कह लिया करो गर …

सदमा तो है मुझे भी के तुझसे जुदा हूँ मैं

सदमा तो है मुझे भी कि तुझसे जुदा हूँ मैं लेकिन ये सोचता हूँ कि अब तेरा क्या हूँ मैं बिखरा पड़ा है तेरे ही घर में तेरा वजूद …

शाम के साँवले चेहरे को निखारा जाये

शाम के साँवले चेहरे को निखारा जाये क्यों न सागर से कोई चाँद उभारा जाये रास आया नहीं तस्कीं का साहिल कोई फिर मुझे प्यास के दरिया में उतारा …

शम्मअ़-ए-अन्जुमन

मैं ज़िन्दगी की हर-इक साँस को टटोल चुकी मैं लाख बार मुहब्बत के भेद खोल चुकी मैं अपने आपको तनहाइयों में तोल चुकी मैं जल्वतों में2 सितारों के बोल …

वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे

वो दिल ही क्या तेरे मिलने की जो दुआ न करे मैं तुझको भूल के ज़िंदा रहूँ ख़ुदा न करे रहेगा साथ तेरा प्यार ज़िन्दगी बनकर ये और बात …

लिख दिया अपने दर पे किसी ने इस जगह प्यार करना मना है

लिख दिया अपने दर पे किसी ने, इस जगह प्यार करना मना है प्यार अगर हो भी जाए किसी को, इसका इज़हार करना मना है उनकी महफ़िल में जब …

रची है रतजगो की चांदनी जिन की जबीनों में

रची है रतजगो की चाँदनी जिन की जबीनों में “क़तील” एक उम्र गुज़री है हमारी उन हसीनों में वो जिन के आँचलों से ज़िन्दगी तख़लीक होती है धड़कता है …

रक़्स करने का मिला हुक्म जो दरियाओं में

रक़्स करने का मिला हुक्म जो दरियाओं में हमने ख़ुश होके भँवर बाँध लिये पावों में उन को भी है किसी भीगे हुए मंज़र की तलाश बूँद तक बो …

यों लगे दोस्त तेरा मुझसे ख़फ़ा हो जाना

यों लगे दोस्त तेरा मुझसे ख़फ़ा हो जाना जिस तरह फूल से ख़ुश्बू का जुदा हो जाना अहल-ए-दिल से ये तेरा तर्क-ए-त’अल्लुक़ वक़्त से पहले असीरों का रिहा हो …

ये मोजज़ा भी मुहब्बत कभी दिखाये मुझे

ये मोजज़ा भी मुहब्बत कभी दिखाये मुझे कि संग तुझपे गिरे और ज़ख़्म आये मुझे वो महरबाँ है तोप इक़रार क्यूँ नहीं करता वो बदगुमाँ है तो सौ बार …

यूँ चुप रहना ठीक नहीं कोई मीठी बात करो

यूँ चुप रहना ठीक नहीं कोई मीठी बात करो मोर चकोर पपीहा कोयल सब को मात करो सावन तो मन बगिया से बिन बरसे बीत गया रस में डूबे …

यारो किसी क़ातिल से कभी प्यार न माँगो

यारो किसी क़ातिल से कभी प्यार न माँगो अपने ही गले के लिये तलवार न माँगो गिर जाओगे तुम अपने मसीहा की नज़र से मर कर भी इलाज-ए-दिल-ए-बीमार न …

यह मोजज़ा भी मुहब्बत कभी दिखाए मुझे

यह मोजज़ा भी मुहब्बत कभी दिखाए मुझे कि संग तुझ पे गिरे और ज़ख़्म आए मुझे मैं अपने पाँव तले रौंदता हूँ साये को बदन मेरा ही सही दोपहर न …

मैनें पूछा पहला पत्थर मुझ पर कौन उठायेगा

मैनें पूचा पहला पत्थर मुझ पर कौन उठायेगा आई इक आवाज़ कि तू जिसका मोहसिन कहलायेगा पूछ सके तो पूछे कोई रूठ के जाने वालों से रोशनियों को मेरे …

मिल कर जुदा हुए तो न सोया करेंगे हम

मिलकर जुदा हुए तो न सोया करेंगे हम एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम आँसू छलक छलक के सतायेंगे रात भर मोती पलक पलक में पिरोया करेंगे …

बेचैन बहारों में क्या-क्या है

बेचैन बहारों में क्या-क्या है जान की ख़ुश्बू आती है जो फूल महकता है उससे तूफ़ान की ख़ुश्बू आती है कल रात दिखा के ख़्वाब-ए-तरब जो सेज को सूना …

बशर के रूप में एक दिलरूबा तलिस्म बनें

बशर के रूप में एक दिलरूबा तलिस्म बनें शफफ धूप मिलाए तो उसका ज़िस्म बने॥ वो मगदाद की हद तक पहुँच गया ‘कतील’ रूप कोई भी लिखूँ उसी का …

प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया ही नहीं

प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं बेरुख़ी इससे बड़ी और भला क्या होगी एक मुद्दत से हमें उस …

प्यार की राह में ऐसे भी मकाम आते हैं

प्यार की राह में ऐसे भी मक़ाम आते हैं | सिर्फ आंसू जहाँ इन्सान के काम आते हैं || उनकी आँखों से रखे क्या कोई उम्मीद-ए-करम | प्यास मिट …