Category: खेम

भूषण स्वेत महा छवि सुंदर सानि सुवास रची सब सोने

भूषण स्वेत महा छवि सुंदर सानि सुवास रची सब सोने । गोरे से अँग गरूर भरी कवि खेम कहैँ जो गई तंह गौने । चँदमुखी कटि खीन खरी दृग …