Category: कश्मीर सिंह

हाय !पैसा क्यूं पैसा

हाय पैसा हाय पैसा रिश्ता नाता ढाए पैसा खून चोरी कराए पैसा हाय पैसा हाय पैसा रात दिन दौडाए पैसा अस्त व्यस्त कराये पैसा हाय पैसा हाय पैसा ईमानदारी …

आत्महत्या

आत्महत्या चिडि़या चींटी कुत्ते गाय हर मौसम में बिन घर-बार ठौर-ठिकाने के बिन उगाए-पकाए अपनी पूरी जिंदगी जीने की भरपूर कोशिश की और इधर एक मानव ने सब कुछ …

नेता

“नेता” वह देखो नेता महाराज आ रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता आसीस पा रहे हैं।   बाकी जो लोग दूर हैं खड़े । गाड़ियों से उठती धूल फाँक खा रहे …

काली कोठरी में कैद

लगता है चाँद मुजरिम है कैद काट रहा है रातों की घुप्प काली कोठरी में सूरज को सिपाही बनाकर सुरक्षा व्यावस्था का मुस्तैद जिम्मा सौंपा गया है धरती ने …

अमर अमिट भारत

न मेरा न तेरा यह भारत देश हम सबका   हम यहां करेंगे ईमानदारी से मजदूरी किसानी कुली गिरी नेता गिरी अफसरी हर तरह के क्षमतानुसार अपने-अपने धन्धे अपनायेंगे …

हल्ला बोल

हल्ला बोल बंद दरवाजे देने चाहिए तुरंत खोल हो रहा हो गलत वहां कर देना चाहिए हल्ला बोल… अंधेरे में दीपक जलाकर रोशनी सबको दिखाकर कह देना चाहिए बेफिक्र उजाले हैं बहुत अनमोल एक रेखिक नियम में चलती है दुनिया धुरी से भटकेगी जब यह टूटेगी माला धागे से बिखरेंगें, हम मनकों की तरह समय रहते ही जाग कर हमें देने चाहिए आंख, कान सबम खोल बढ़ रही जहां जहां गंदगी साफ करें तो बात बने समझ में आता यही सही इसी में हम सब की बंदगी छोड़ देना चाहिए अब टालमटोल आंख मूंदकर चलने …