Category: कमलेश संजीदा

पथिक तूं थक मत (३१ अगस्त २०१५)

पथिक तूं थक मत कभी न तूं हारना जिंदगी के सफर में वक़्त को न काटना | अगर वक़्त बुरा हो तो उसमें भी मुस्कुराना भले ही मुस्कुराकर वक़्त …

जलेगी होली रोएगें पेड़

जलेगी होली रोएगें पेड़ लोंगों की खुशियां , फिर जलें हरे -२ पेड़ फाल्गुन मास की हरियाली छायी होली के कारण हरे पेड़ों की श्यामत आयी | देश भर …

सपनों की गुडिया

अम्मा देखी मैंने गुडिया वो है अजब न्यारी गुडिया अम्मा ले दो मुझको गुडिया चार रूपये में आये गुडिया | झट से पैसा दे-दे मुझको मैं ले लूंगी उसको …

नदी

कल- कल करती रहती हूँ पत्थरों से टकराती हूँ रुकना मेरा काम नहीं सदा बहती रहती हूँ | गंगा यमुना कृष्णा कावेरी अनेकों मेरे नाम हैं उत्तर दक्षिण सब …

प्लेसमेन्ट एजेंसी

प्लेसमेन्ट एजेंसी धड़ल्ले से चल रही हैं क्यों कि बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही हैं तीन से छ महीने की सैलेरी एडवांस ले रहे हैं और खूब प्लेसमेन्ट करा …