Category: जैन अंशु डी॰ आँसू

कुछ इस तरह ज़िन्दगी रुकने लगी है हर पल

कुछ इस तरह ज़िन्दगी रुकने लगी है हर पल हर जगह ढूंढते रहते हैं घर का पता शामो-सहर ! कुछ मैं कहूँ कुछ तुम कहो ज़िन्दगी के ख़्वाब बुनो …