Category: हितेन पाटीदार

चन्द आंसू इन बादलों के सन्ग रोया मैं

दिसम्बर कि इस बारिश मे कुछ इस तरह से भीगा मैं, थोडा तुझे याद किया, थोडा खुद को भुला मैं, चन्द आंसू इन बादलों के सन्ग रोया मैं.   December …

तुझसे मुलाकात का अफसाना

साफ लफ़्जो मे लिखता हूँ तुझसे मुलाकात का अफसाना कुछ इस तरह सेः कुछ गुस्ताखी लफ्ज़ो ने की, कुछ नज़रो ने की, और दिल को थामे बैठे रहे हम. कुछ वक्त …