Category: हेमन्त खेतान

बचपन की चाहत- एक बार फिर

बचपन की वो अठखेलियॉ आज भी याद आती हैं… वो नासमझी शैतानियॉं आज भी हंसाती हैं… ऐ खुदा अगर सच में देता है कुछ मांगने पर तू.. तो ‘लौटा …