Category: हेमन्त खेतान

“एक सफ़र” – दुर्गेश मिश्रा

– एक सफ़र देखे मैंने इस सफर में दुनिया के अद्भुत नज़ारे, दूर बैठी शोर गुल से यमुना को माटी में मिलते | की देखा मैंने इस सफर में….. …

बचपन की चाहत- एक बार फिर

बचपन की वो अठखेलियॉ आज भी याद आती हैं… वो नासमझी शैतानियॉं आज भी हंसाती हैं… ऐ खुदा अगर सच में देता है कुछ मांगने पर तू.. तो ‘लौटा …