Category: हसरत जयपुरी

“एक सफ़र” – दुर्गेश मिश्रा

– एक सफ़र देखे मैंने इस सफर में दुनिया के अद्भुत नज़ारे, दूर बैठी शोर गुल से यमुना को माटी में मिलते | की देखा मैंने इस सफर में….. …

एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों

एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों बनता है मेरा काम तुम्हारे ही काम से होता है मेरा नाम तुम्हारे ही …