Category: गुरुपाल चावला

अक्सर

यूँ तो हम हारने वालों मेसे नहीं लेकिन, प्यार में खानी पड़ती हैं, मातें अक्सर ज़रा पूछो, गर अश्क पढ़ा हो उसने हमारा, जो किताबों की करते रहते हैं, …