Category: गोविन्द

मो मन बसौ श्यामा-श्याम

मो मन बसौ श्यामा-श्याम। श्याम तन मन श्याम कामर, माल की मणि श्याम। श्याम अंगन श्याम भूषण, वसन हैं अति श्याम। श्याम-श्याम के प्रेम भीने, ‘गोविंद जन भए श्याम॥