Category: गोरख पाण्डेय

वोट

पहिले-पहिल जब वोट मांगे अइले तोहके खेतवा दिअइबो ओमें फसली उगइबो । बजडा के रोटिया देई-देई नुनवा सोचलीं कि अब त बदली कनुनवा । अब जमीनदरवा के पनही न …

इंकलाब का गीत

हमारी ख्वाहिशों का नाम इन्क़लाब है ! हमारी ख्वाहिशों का सर्वनाम इन्क़लाब है ! हमारी कोशिशों का एक नाम इन्क़लाब है ! हमारा आज एकमात्र काम इन्क़लाब है ! ख़तम हो लूट किस …

हत्या-दर-हत्या

हत्या की ख़बर फैली हुई है अख़बार पर, पंजाब में हत्या हत्या बिहार में लंका में हत्या लीबिया में हत्या बीसवीं सदी हत्या से होकर जा रही है अपने …

समाजवाद

समाजवाद बबुआ, धीरे-धीरे आई समाजवाद उनके धीरे-धीरे आई हाथी से आई, घोड़ा से आई अँगरेजी बाजा बजाई, समाजवाद… नोटवा से आई, बोटवा से आई बिड़ला के घर में समाई, …

सुनो भाई साधो

माया महाठगिनि हम जानी, पुलिस फौज के बल पर राजे बोले मधुरी बानी, यह कठपुतली कौन नचावे पंडित भेद न पावें, सात समन्दर पार बसें पिय डोर महीन घुमावें, …

अधिनायक वंदना

जन गण मन अधिनायक जय हे  ! जय हे हरित क्रांति निर्माता जय गेहूँ हथियार प्रदाता जय हे भारत भाग्य विधाता अंग्रेज़ी के गायक जय हे ! जन… जय समाजवादी …

फूल

फूल हैं गोया मिट्टी के दिल हैं धड़कते हुए बादलों के ग़लीचों पे रंगीन बच्चे मचलते हुए प्यार के काँपते होंठ हैं मौत पर खिलखिलाती हुई चम्पई ज़िन्दगी जो …

हे भले आदमियो !

डबाडबा गई है तारों-भरी शरद से पहले की यह अँधेरी नम रात । उतर रही है नींद सपनों के पंख फैलाए छोटे-मोटे ह्ज़ार दुखों से जर्जर पंख फैलाए उतर …

फूल और उम्मीद

हमारी यादों में छटपटाते हैं कारीगर के कटे हाथ सच पर कटी ज़ुबानें चीखती हैं हमारी यादों में हमारी यादों में तड़पता है दीवारों में चिना हुआ प्यार। अत्याचारी …

एक झीना सा पर्दा था

एक झीना-सा परदा था, परदा उठा सामने थी दरख्तों की लहराती हरियालियाँ झील में चाँद कश्ती चलाता हुआ और खुशबू की बाँहों में लिपटे हुए फूल ही फूल थे …

आशा का गीत

आएँगे, अच्छे दिन आएँगें, गर्दिश के दिन ये कट जाएँगे । सूरज झोपड़ियों में चमकेगा, बच्चे सब दूध में नहाएँगे । सपनों की सतरंगी डोरी पर मुक्ति के फ़रहरे …

कानून

लोहे के पैरों में भारी बूट कंधों से लटकती बंदूक कानून अपना रास्ता पकड़ेगा हथकड़ियाँ डाल कर हाथों में तमाम ताकत से उन्हें जेलों की ओर खींचता हुआ गुजरेगा …