Category: गौरव शर्मा

प्रिय मिलन “आस”

नैनन नीर धरे खुशियन के ,अधरों पे मुस्कान प्रिये केशों में घुंघराली लटिका,तुम प्राण प्रिये तुम प्राण प्रिये तुम मिलन आस में भोर भाई, अंखियों में रैना बीत गयी …