Category: गौरव ‘गाफिल’

रोना भी हमने चाहा तो रोया नही गया…..

रोना भी हमने चाहा तो रोया नही गया. फूलो के बिस्तरो पे भी सोया नही गया. जब प्रीत के वो गीत टूटकर बिखर गये. फिर हमसे कोई शब्द पिरोया …

दिल के किनारे कुतर गया

एसा लगा जैसे कोई तूफा गुजर गया, आखो के रास्ते मेरे दिल मे उतर गया, शातिर है, हरकती है इतना यार हमारा, चूहो की तरह दिल के किनारे कुतर …

करोड़ोँ झूठ बोलेँ हम,

करोड़ोँ झूठ बोलेँ हम, पर उनको सच्चे लगते हैँ। मगर ये प्रीत के धागे हमेँ क्यूँ कच्चे लगते हैँ। ये दोष नज़रोँ का है उनकी या हमारी खूबी। जिसे …