Category: गँग

लहसुन गाँठ कपूर के नीर में

लहसुन गाँठ कपूर के नीर में, बार पचासक धोइ मँगाई। केसर के पुट दै दै कै फेरि, सुचंदन बृच्छ की छाँह सुखाई॥ मोगरे माहिं लपेटि धरी ‘गंग बास सुबास …

करि कै जु सिंगार अटारी चढी

करि कै जु सिंगार अटारी चढी, मनि लालन सों हियरा लहक्यो। सब अंग सुबास सुगंध लगाइ कै, बास चँ दिसि को महक्यो॥ कर तें इक कंकन छूटि परयो, सिढियाँ …