Category: दिनेश शुक्ल

रंगता कौन बसंत

कौन रंग फागुन रंगे, रंगता कौन वसंत? प्रेम रंग फागुन रंगे, प्रीत कुसुंभ वसंत। चूड़ी भरी कलाइयाँ, खनके बाजू-बंद, फागुन लिखे कपोल पर, रस से भीगे छंद। फीके सारे …

भूख, रोटियाँ, चूल्हा, माटी

भूख, रोटियाँ, चूल्हा, माटी अँतड़ी, ऐंठन, आग, धुँआती। हँसे माफिया, भौचक सांसद प्रजातंत्र में सभी बराती। बैनर, झंडे, भाषण, रैली भीड़, नुमाइश, ठकुर-सुहाती। मरा नमक पारे की बस्ती ग्लोबल …

प्रजातन्त्र था जलसा-घर

प्रजातन्त्र था जलसा-घर संसद थी इसका मछली-घर पढ़े व्याकरण रोटी का ये भूखे हर उत्सव पर कम्प्यूटर में फीड हुए सपने, मौसम, डर, ईश्वर वही जाल, दाने, पंछी वही …

कौन रंग फागुन रंगे

कौन रंग फागुन रंगे कौन रंग फागुन रंगे, रंगता कौन वसंत, प्रेम रंग फागुन रंगे, प्रीत कुसुंभ वसंत। रोमरोम केसर घुली, चंदन महके अंग, कब जाने कब धो गया, …