Category: दिलीप शाक्य

महाप्रलय के बाद

समय के दलदल में डूबता है सभ्यता का जंग लगा पहिया किनारे खड़ा रोबोट देखता है चुपचाप निर्विकार ख़ला में तैरती हैं पक्षियों के टूटे हुए पंखों की उदास …