Category: दिल शाहजहाँपुरी

मिट गया जब मिटाने वाला फिर सलाम आया तो क्या आया

मिट गया जब मिटाने वाला फिर सलाम आया तो क्या आया दिल की बरबादी के बाद उन का पयाम आया तो क्या आया छूट गईं नबज़ें उम्मीदें देने वाली …