Category: धिरजकुमार भानुदास ताकसांडे

गीत उसीके गाता हुँ

सौगात मेरे सपनो की मै साथ लेकर आता हुँ एक-अकेला होता हुँ तो गीत उसीके गाता हुँ निर सरीता सा मै बहता गीरता, उठता रहता हुँ कभी कभी मै …

नुर जरा निखरा नही

आँख से अरमाँ भी सदियो से उतरा नही कत्ल हो हररोज पर खून का कतरा नही मुर्दो की तरह जिता हु सवारकर तकदिर जलता हु रोज पर मौत का …

पीलाना जरुरी है

आँख मे आसु नही अंगार होना जरुरी है गगन चुमती इमारतो का ढहना जरुरी है इससे पहले की अत्याचार की बहने लगे हवा दिप तेरे खयालो का जलना जरुरी …

मिटने दो काल

समझो कयामत की चाल छोड दो मुसिबत के जाल बहक जाने दो सधे हुये पाँव चुकता है तो चुकने दो ताल मचलने दो सागर जैसे हाल खरीदना मत बिकता …

मिटवे दो काल

समझो कयामत की चाल छोड दो मुसिबत के जाल बहक जाने दो सधे हुये पाँव चुकता है तो चुकने दो ताल मचलने दो सागर जैसे हाल खरीदना मत बिकता …

तकदिर लिख दी

तराशकर पत्थरों की तकदिर लिख दी गुलामी के खिलाफ बगावत की सीख दी बरसो पडे पत्थरों की धुल हटाकर फुंक दी जान भीमने बेजुबानो को जुबान और चीख दी …

तेरी आवाज सुन नही पाता

गजर इतना कि तेरी आवाज़ सुन नहीं पाता कहर इतना कि तेरे सुरों को चुन नहीं पाता तेरी आग़ाज़ सुनकर काश मै होता पैदा, कबर में और न लटकता …

तिनके सी दिखे जींदगी मुझे

तिनके सी दिखे जींदगी मुझे निगाहो से दुर होकर देख लेता मै तुझे नजारो से हर बुंद हो गयी हवा, उतरकर आँखो सें हर मौज छु गयी ,पलकों के …

दुलार देता है कोई

प्यारा नही फिर ,दुलार देता है कोयी सासे जीवन की ,मुझसे लेता है कोयी बाहो के घेरोसे लिपटता है कोयी तन्हाई मे मुझसे सिमटता कोयी हर पल है जीना …

जाम चढाए कितना

जाम चढाये कितना, अंजाम न आए कोई होश बढाये कितना पैगाम न आए कोई जुस्तजु हो गयी मजार दिले- बेकसी की एक ताज और बनाता, मकाम न आए कोई …

गीतो को बुन पाता

गजर इतना कि तेरी आवाज़ सुन नहीं पाता कहर इतना कि तेरे सुरों को चुन नहीं पाता तेरी आग़ाज़ सुनकर काश मै होता पैदा, कबर में और न लटकता …

अस्तीत्व जान लेता

तिनके सी दिखे जींदगी मुझे निगाहो से दुर होकर देख लेता मै तुझे नजारो से हर बुंद हो गयी हवा, उतरकर आँखो सें हर मौज छु गयी, पलकों की …

जीवन के अंधे सफर में

जीवन के अंधे सफर में मै रहा बेगानी मंजील के अंजाने तल में मै रहा ब्रम्हांड के बहाव में जलना ही नसीब है बुझने तक रवानी के पल में …

झांकना जरुर

झांकना जरुर, नजर आया तो नजर उतार लो, अगर पाया तो दसो दिशाओ में लेना परवाज संगीत उतर आयेगा अगर गाया तो दवाँओं का असर भी देखना जरुर तबियत …

दिल ने दिल तोडा

दिल ने दिल तोडा, तो चूर हो गया नजदीक आकर, दूर हो गया तबदील भूला, हो गया नादान जींदगी भर तडपने पे मजबुर हो गया लालच ने, प्यार, खतम …

बस एक चिंगारी से सुलगते है लोग

कर रहे हालात बया, जलते है लोग क्यु वक्त से पहले ही ढलते है लोग जगाने आए महात्माओं के देस में क्या आज भी नींद मे चलते है लोग …

भरते भरते भर ना सकी

चलते चलते चल ना सकी जिंदगी चलनेवाली भरते भरते भर ना सकी झोली मेरी खाली दुध पीता बच्चा नही हु फिर भी चुस रहा हु होठ गुलाबी मतवाली चाल …

ये कहानी है भारत के संविधान की !

लिखी किस्मत इन्सां ने इन्सान की ये कहानी है भारत के संविधान की। ज़िन्दगी थी अंधियारी बंद ज्ञान की तिजोरी बंधे बंधे हाँथ पाँव थे चल रहे इस गुलामी …

दिल जला ही नहीं

दिल जला ही नही धुवाँ उठने लगा मन मंदिर मे मेरा दम घुटने लगा हर जंजीर तोड दु सोचा था मगर दिवारों से प्यार तब जुडने लगा हर लकीर …

बेज़रो की बस्ती में

बेज़रो की बस्ती में रोशनी का नक़्स हैं जुल्म से टकराते चरागों में भीम का अक्स हैं शनाख्त हुयी इन्सा की जलकर सुरज की तरह मज्लूमो की बगावत में …

आँखो से देखा

आखों से देखा अपने चांद तारे पानी मे हमने भी खुद को पाया इसी कहानी मे होने न होने से तेरे क्या फर्क पडता है बनकर मिटते देखा इसी …

इंसान कहनेवालो

इन्सान कहनेवालो इन्सानियत तो जान लो बिखरा पडा है सोना आखो अपने छान लो समशान जिन्दगीयो बर्बाद डाली डाली धनवान कहनेवालो धनवानियत तो जान लो दिल हो गये है …