Category: धर्मेन्द्र कुमार निवातियाँ

इंसानियत बड़ी — डी के निवातिया

इंसानियत बड़ी *** मंदिर बने या मस्जिद इस पर बहस लड़ी है ईश्वर रहेगा या अल्लाह इस पर बात अडी है जब पूछा जरूररतमंद, भूखे-प्यासे इंसान से बोला, मिले …

सच्चा प्यार — डी के निवातिया

सच्चा प्यार *** जिस ह्रदय में किसी को सराहने के पनपते विचार नहीं उसको भी सराहना पाने का बनता कोई अधिकार नहीं निसन्देह: त्याग के यथार्थ भाव का तात्पर्य …

दिवंगतों को मत बदनाम करो — डी के निवातिया

दिवंगतों को मत बदनाम करो *** अपने पूर्वजो की गैरत कटघरे ला दी तुमने आकर मीठी बातो में ! सत्तर साल की कामयाबी मिटा दी तुमने आकर के जज्बातो …

बार-बार – डी के निवातिया

बार-बार *** वो कौन है जो दिल को दुखाता है बार-बार ! अश्क बहते नहीं दिल करहाता है बार-बार !! वफ़ा संग बेवफाई दस्तूर पुराना है जमाने का फिर …

लकीर के फकीर — डी के निवातिया

लकीर के फकीर ! अब से अच्छा तो, कल परसो का बीता जमाना था अनपढ़, लाचारी में, लकीर के फकीर बन जाना था क्या हुआ, पढ़-लिखकर, चाँद या मंगल …

रुआना आ गया – डी के निवातिया

रुआना आ गया ! कागज़, कलम, दवात, डायरी के पन्ने, ये सब तो अब बीते ज़माने कि बाते है व्हाट्सप्प, ट्वीटर, फेसबुक, भी छोडो वीडियो कॉलिंग का ज़माना आ …

वायदा मेरा — डी के निवातिया

वायदा मेरा ! जाने क्यों मिटाने में लगा है मुझको कायदा तेरा मेरे मिट जाने में दिखा क्या तुझको फायदा तेरा मिट भी गया तो दफ़न हो जाऊंगा तेरे …

आला-रे-आला — डी के निवातिया

आला-रे-आला *** आला-रे-आला, सुन मेरे लाला, लगा ले अपनी जुबान पे ताला जो बोलेगा सच्ची सच्ची बाते, किया जायेगा उसका मुँह काला वतन व्यवस्था का टूटा पलंग है चरमारती …

नादान परिंदे — डी के निवातिया

नादान परिंदे ***♣***   क्या कल के भारत की तस्वीर बनेगी, ये तो गुजरा वक़्त ही बतलायेगा पहले हमको हमारा आज दिला दो, तब कल का हिन्दोस्ताँ बन पायेगा …

तन्हा — डी के निवातिया

तन्हा -♦-◊-♦- बड़ी तन्हा गुज़री है ये जिंदगी तेरे बिन खुशहाल तू भी नहीं रहा कभी मेरे बिन ! एक दूजे कि आरज़ू में गुज़री उम्र तमाम तजवीज़ बहुत …

शुभ दीपावली — डी के निवातिया

*शुभ दीपावली* दिवाली पावन त्योंहार है खुशियाँ मनानें का अपनों को अपनत्व का अहसास करानें का मिटा दो मन के अंधियारे अपने प्रेम दीप से अवसर है ख़ुशियों से …

माटी का पुतला — डी के निवातिया

माटी का पुतला ◊ हे मानुष ! जीता है किस गुमान में पलता, बढ़ता है जाने किस अभिमान में !-! जानकर भी हर कोई अन्जान है कहते है यही …

ठेस — डी के निवातिया

ठेस ◊♦◊♦◊ जिसको जितना चाहा उससे उतना दूर हो गये जब-जब किया हौंसला तब-तब मज़बूर हो गये उनकी नज़रो ने हमें पत्थर से शीशा बना डाला    लगी क्या …

दो दूना बाइस — डी के निवातिया

दो दूना बाईस — बेवजह में वजह ढूंढने की गुंज़ाइश चाहिये ! काम हो न हो पर होने की नुमाइश चाहिये !! कौन कितना खरा है, किसमे कितनी खोट …

फर्क — डी के निवातिया

फर्क *** मै भी तो जर्रा हूँ उस बनौरी का जिसके सदा तुम सजदे करते हो ! क्या फर्क है उसमें और मुझमे उसे शिखर, मुझे तलवे रखते हो …

गुणगान — डी के निवातिया

गुणगान *** तुम अपनों का गुणगान करो हम अपनों का गुणगान करें आओ मिलजुलकर हम तुम अहले वतन का उत्थान करें !!   डी के निवातिया

वतन की किस्मत — डी के निवातिया

वतन की किस्मत *** गूंगो – बहरो ने मिलकर महफ़िल सजाई है मिलजुलकर खाने खिलाने की कसमे खाई है बारी बारी से बदलते रहते है अपनी कुर्सियां क्या खूब …

सफ़ा कोरा — डी के निवातिया

सफ़ा कोरा *** अंदर से ही नहीं बाहर से भी गोरा है दिल की किताब में जो सफ़ा कोरा है लिखना है उसपे फ़साना तेरे प्यार का रंगीन इश्क-ऐ-हर्फ …

लफ्ज़ फिसलने लगे — डी के निवातिया

:””; लफ्ज़ फिसलने लगे ;””; +*””*.*””* + अधरों के पुष्प कँवल उनके खिलने लगे है ! लगता है सनम से अब वो मिलने लगे है !! कुछ तो असर …

माता रानी के द्वार — डी के निवातिया

“माता रानी के द्वार” *** हुम्म्म्मम्म्म्म…………..चलो ..चलो ………….! चलो ..चलो ……………..चलो ..चलो ………….! चलो ..चलो ……………चलो ..चलो ………….! हुम्म्म्मम्म्म्म…………..चलो ..चलो ………..! चलो रे चलो माता रानी के द्वार दुःख …

मशगूल — डी के निवातिया

 मशगूल *** हंसगुल्लों  में मशगूल है जिंदगानी मतलब की बातो के लिये वक़्त किसके पास ! जब अपने ही नकार देते है अपनों को टुटा हुआ नर्वस दिल फिर …

दो बहनो का मिलन – वार्ता – (हिंदी-अंग्रेजी)

दो बहनो का मिलन – वार्ता – (हिंदी अंग्रेजी)   ! दरवाजे पर ..दस्तक होती है …. डिंग-डोंग …डिंग-डोंग .. डिंग-डोंग …डिंग-डोंग .. हू इस आउट साइड ऑन द …

नमस्कार मै हिंदी हूँ

नमस्कार मै हिंदी हूँ मेरा दिवस के रूप में उत्सव मनाकर सम्मान देने के लिये आपकी आभारी हूँ 🙏🙏 वैसे मुझे किसी दिवस की आवश्यकता नही यदि वास्तविक रूप …

फल — डी के निवातिया

फल रहीम काम आय भई, ना काम आय राम ! बाबा कि लुटिया डूबी, बड़े भये बदनाम !! राम संग रहीम जुड़े, बाबा काटे जेल ! नेता धोखा दे …