Category: देवांशु पाल

बत्तीस साल की कुँआरी लड़की

बत्तीस साल की कुंआरी लड़की दफ़तर जाती है; लूना से थोड़ी-सी महंगी साड़ी पहनकर थोड़ा सा महंगा पाउडर लगाकर थोड़ी सी मुसकराहट चेहरे पर लाकर     बत्तीस साल …

जब तुम लौट आओगे

जब तुम्हारी सारी बन्दूक की गोलियाँ खत्म हो जाएगी तिब्बत की सड़कों पर दनदनाते बरसाते हुए जब तुम्हारे सारे गोले बारूद खत्म हो जाएंगे घर बाजार शहर वीरान करते …

एक बेहतर कल तुम्हें सौपेंगे

ओ तिब्बत की माताओं तुम्हारी कोख में जो बच्चा पल रहा है तुम्हें जन्म देना होगा उसे इस धरती पर जहाँ सत्तालोलुप आदमखोरों ने लहू की नदियाँ बहाईं हैं …