Category: देव

रूपे के महल धूपे अगर उदार द्वार

रूपे के महल धूपे अगर उदार द्वार , झाँझरी झरोखा मूँदे चारु चिकराती मैँ । ऊध अधमूल तूल पटनि लपेटे मूल , पटल सुगन्ध सेज सुखद सोहाती मैँ । …

लागत समीर लँक लहकै समूल अँग

लागत समीर लँक लहकै समूल अँग , फूल से दुकूलनि सुगँध बिथुरयो परै । इन्दु सो बदन मँद हास सुधा बिँदु , अरबिँदु ज्योँ मुदित मकरँदनि मुरयो परै । …

सुधाकर से मुख बानि सुधा मुसकानि सुधा दरसै रदपाँति

सुधाकर से मुख बानि सुधा मुसकानि सुधा दरसै रदपाँति । प्रवाल से पानि मृनाल भुजा कहि देव लता तन कोमल कान्ति । नदी त्रिवली कदली युग जानु सरोज से …

सीतल महल महा, सीतल पटीर पंक

सीतल महल महा, सीतल पटीर पंक, सीतल कै लीपि भीत, छीत-छात दहरें । सीतल सलिल भरे, सीतल विमल कुंड, सीतल अमल जल-तंत्र-धारा छहरें ॥ सीतल बिछौनन पै, सीतल बिछाई …

साँवरो रूप

देव मैं सीस बसायो सनेह के भाल मृगम्मद बिन्दु के भाख्यो। कंचुकी में चुपरयो करि चोवा लगाय लयो उर सो अभिलाख्यो। लै मख्तूल गुहै गहने रस मूरतिवन्त सिंगार कै …

साँवरी सुघर नारी महा सुकुमारी सोहै

साँवरी सुघर नारी महा सुकुमारी सोहै , मोहै मनमोहन को मदन तरँगनी । अनगने गुननि के गरब गहीर मति , निपुन सगीँत गीत सरस प्रसँगनी । परम प्रवीन बीन …

श्रीब्रजदूलह

पायनि नूपुर मंजु बजे, कटि किंकिनि की धुनि की मधुराई। साँवरे अंग लसे पट पीत, हिये हुलसै बनमाल सुहाई। माथे किरीट बड़े दृग चंचल, मंद हँसी मुख चंद जुन्हाई। …

वा चकई को भयो चित चीतो चितौत चँहु दिसि चाय सों नाँची

वा चकई को भयो चित चीतो चितौत चँहु दिसि चाय सों नाँची । ह्वै गई छीन छपाकर की छवि जामिनि जोन्ह मनौ जम जाँची । बोलत बैरी बिहंगम देव …

लाल बिना बिरहाकुल बाल बियोग की ज्वाल भई झुरि झूरी

लाल बिना बिरहाकुल बाल बियोग की ज्वाल भई झुरि झूरी । पानी सोँ पौन सोँ प्रेम कहानी सोँ पान ज्योँ प्रानन पोषित हूरी । देवजु आज मिलाप की औधि …

लाज के निगड़ गड़दार अड़दार चँहु

लाज के निगड़ गड़दार अड़दार चँहु, चौँकि चितवन चरखीन चमकारे हैँ । बरुनी अरुन लीक पलक झलक फूल , झूमत सघन घन घूमत घुमारे हैँ । रँजित रजोगुन सिँगार …

मूरति जो मनमोहन की मनमोहनी के थिर ह्वै थिरकी सी

मूरति जो मनमोहन की मनमोहनी के थिर ह्वै थिरकी सी । देव गुपाल को बोल सुनै सियराति सुधा छतियाँ हिरकी सी । नीके झरोखा ह्वै झाँकि सकै नहिँ नैनन …

मुरली सुनत बाम काम-जुर लीन भई

मुरली सुनत बाम काम-जुर लीन भई धाई धुर लीक सुनि बिधीँ बिधुरनि सौँ । पावस न दीसी यह पावस नदी सी फिरै उमड़ी असँगत तरँगित उरनि सौँ । लाज …

माथे महावर पाँय को देखि महावर पाय सुढार ढुरीये

माथे महावर पाँय को देखि महावर पाय सुढार ढुरीये । ओँठन पै ठन वै अँखियाँ पिय के हिय पैठन पीक धुरीये । सँग ही सँग बसौ उनके अँग अँगन …

मँद हास चँद्रिका को मँदिर बदन चँद

मँद हास चँद्रिका को मँदिर बदन चँद , सुन्दर मधुर बानि सुधा सरसाति है । इन्दिरा ऎन नैन इन्दीवर फूलि रहे , विद्रुम अधर दन्त मोतिन की पाँति है …

मँजुल मँजरी पँजरी सी ह्वै मनोज के ओज सम्हारत चीरन

मँजुल मँजरी पँजरी सी ह्वै मनोज के ओज सम्हारत चीरन । भूँख न प्यास न नीँद परै परी प्रेम अजीरन के जुर जीरन । देव घरी पल जाति घुरी …

बारिध बिरह बड़ी बारिधि की बड़वागि

बारिध बिरह बड़ी बारिधि की बड़वागि बूड़े बड़े बड़े जहां पारे प्रेम पुलते । गरुओ दरप देव जोबन गरब गिरि पयो गुन टूटि छूटि बुधि नाउ डुलते । मेरे …

बरुनी बघँबर मैँ गूदरी पलक दोऊ

बरुनी बघँबर मैँ गूदरी पलक दोऊ , कोए राते बसन भगोहेँ भेष रखियाँ । बूड़ी जल ही मैँ दिन जामिनि हूँ जागैँ भौंहैँ । धूम सिर छायो बिरहानल बिलखियाँ …

फटिक सिलानी सौं सुधारयौ

फटिक सिलानि सौं सुधारयौं सुधा मंदिर, उदधि दधि को सो अधिकाई उमगे अमंद। बाहर ते भीतर लौं भीति न दिखैए देव, दूध को सो फेन फैल्यौ आँगन फरसबंद। तारा …

प्रेम समुद्र परयो गहिरे अभिमान के फेन रह्यो गहि रे मन

प्रेम समुद्र परयो गहिरे अभिमान के फेन रह्यो गहि रे मन । कोप तरँगन ते बहि रे अकुलाय पुकारत क्योँ बहिरे मन । देवजू लाज जहाज ते कूद भरयो …