Category: दीपक श्रीवास्तव

राम-नाम का प्याला

राम-नाम का पीकर प्याला, राम-नाम में हो मतवाला| राम-नाम ही जपता जाए, राम-नाम की पहने माला || राम-नाम ही शक्ति नाम है, राम-नाम ही भक्ति धाम है | राम-नाम …

जय चित्रगुप्त भगवान्

Chitrgupt bhajan-deepak srivastava ब्रह्मदेव काया से निकली, अमर ज्योति अविराम तुम्हारी| चित्रगुप्त जी तुम्हे पुकारें, मिलकर के संतान तुम्हारी|| हे प्रभु तुम तो करते रहते, पाप-पुण्य कर्मों का लेखा| …

पर्व

रंग-भूमि यह कर्म-भूमि है| देव-भूमि यह तपस-भूमि है| अतीव-सुन्दर भरत-भूमि यह, मातृ-भूमि है, पर्व-भूमि है||१|| जीवन में हैं जितने रंग| सब मिलते पर्वों के संग| कहीं हंसी है, कहीं …

नारी तेरे कितने रूप

नारी तेरे कितने रूप, कितना छाँव कहाँ तक धूप?? नारी तेरे कितने रूप| कभी रूप माता का लेकर, तुमने तन में प्राण दिया| जीवन संभले, जीवन संवरे, तुमने अमृत …

सर्वप्रथम माँ तेरी पूजा

हे जननी, हे जन्मभूमि, शत-बार तुम्हारा वंदन है| सर्वप्रथम माँ तेरी पूजा, तेरा ही अभिनन्दन है|| तेरी नदियों की कल-कल में सामवेद का मृदु स्वर है| जहाँ ज्ञान की …

कैसे सत्य सुनायें

कैसे सत्य सुनायें साथी, चारों ओर दिखावा है| सौ सौ झूठी बातों पर भी सच्चाई का दावा है|| दुनिया का विस्तार हुआ है, धन का तो अम्बार हुआ है| …

प्रिय अगर मै रूठ जाऊं

प्रिय अगर मै रूठ जाऊं, प्यार से मुझको मनाना | जो कभी भटकूँ दिशा से, रास्ता मुझको दिखाना || रात कितनी भी बड़ी हो, चेतना मद्धिम पड़ी हो | …

मोहन के धाम

चलो चलो साथी हिल-मिल कर, मनमोहन के धाम, मुरली की मीठी धुन बाजे, जहाँ प्रेम अविराम।। गैया, पाहन और कदम्बें, सबकी जहाँ एक ही बोली, छुपे जहाँ कण कण …

मोरे कान्हा ले चलो मोहे पार

मोरे कान्हा ले चलो मोहे पार, मै हूँ कब से खड़ा रे तोरे द्वार ।। माया भ्रम की मोरी गगरिया, मारो कान्हा तान कंकरिया। अंग अंग मोरा भीगे ऐसे, …

बाधाओं से जूझ जूझ कर बढ़ना अपना काम है

लक्ष्य प्राप्ति को निकल पड़े तो पथ में कहाँ विराम है ? बाधाओं से जूझ – जूझ कर बढ़ना अपना काम है। । बाधाएं भी क्रम से आयें, हमें …

माँ तेरे हैं नाम अनेकों

माँ तेरे हैं नाम अनेकों, कैसे तुम्हे पुकारे हम? तुम जीवन का अमर स्रोत, छोटे से हैं जल धारे हम।। जीवन का निर्माण तुम्ही से, तुमसे ही पलती सृष्टि। …

भोजपुरी होली गीत – आज रंग दा

चढ़त फगुनवा में मोर मन बसिया, भर के गुलाल मारें मोर रंग-रसिया। आईल होली के त्योहार, रंग छाइल बा हजार, भंगवा घोर बार बार, आज रंग द।। गोझिया से …

भोजपुरी होली गीत – फगुवा में भंगवा के ले ल चुसकी

फगुवा में भंगवा के ले ल चुसकी। बुढवा सटक गईल, अब पटकी।। मस्ती के तरंग बा, तरंग में उमंग बा, लागता के सबकर एक्के गो ढंग बा। ऐ चाचा, …

फिर यह धरती बुला रही है

राणा की संतानों जागो, जागो वीर शिवा के लालों। फिर यह धरती बुला रही है, जागो महाकाल के कालों॥ शत-शत आघातों को सहकर माता घायल आज पड़ी है, विश्व …

प्रेम का वरदान दे दो।

प्रेम का वरदान दे दो। चेतना का गान दे दो।। जिन पदों में प्रीत की सुरभित, तरंगित रश्मियाँ हों। सूर, कबिरा और तुलसी की मनोहर वाणियां हों। उन पदों …