Category: दास

लेहु जु लाई हौँ गेह तिहारे परे जेहि नेह सँदेस खरे मैँ

लेहु जु लाई हौँ गेह तिहारे परे जेहि नेह सँदेस खरे मैँ । भेटौ भुजा भरि मेटौ बिथान समेटौजू तौ सब साध भरे मैँ । सँभु ज्योँ आधे ही …

बार अंध्यारनि मैँ भटक्यो हौँ

बार अंध्यारनि मैँ भटक्यो हौँ , निकारयो मैँ नीठि सुबुद्धिन सोँ धरि । बूढ़त आनन पानिय भीर, पहीर की आंड़ सोँ तीर लग्यो तिरि । मो मन बावरो योँ …

बादि छवो रस व्यँजन खाइबो बादि नवो रस मिश्रित गाइबो

बादि छवो रस व्यँजन खाइबो बादि नवो रस मिश्रित गाइबो । बादि जराय प्रजँक बिछाय प्रसून धने परि पाइ लुटाइबो । दासजू बादि जनेस गनेस धनेस फनेस रमेस कहाइबो …

बात चलै की चली जबतेँ तबतेँ चले काम के तीर हजारन

बात चलै की चली जबतेँ तबतेँ चले काम के तीर हजारन । नीँद औ भूख चली तबतेँ अँसुवा चले नैननि ते सजि धारन । दास चली करतेँ बलया रसना …

धूरि चढ़ै नभ पौन प्रसँग तें कीच भई जल संगति पाई

धूरि चढ़ै नभ पौन प्रसँग तें कीच भई जल संगति पाई । फूल मिलैँ नृप पै पहुँचैं कृमि काठन सँग अनेक बिथाई । चँदन सँग कुठार सुगंध ह्वै नीच …

झाँझरियाँ झनकैगीँ खरी खनकैगीँ चुरी तन को तन तोरे

झाँझरियाँ झनकैगीँ खरी खनकैगीँ चुरी तन को तन तोरे । दासजू जागती पास अली परिहास करैँगी सबै उठि भोरे । सौँह तिहारी हौँ भाजि न जाऊँगी आई हौँ लाल …

जोहे जाहि चाँदनी की लागति भली न छवि

जोहे जाहि चाँदनी की लागति भली न छवि , चँपक गुलाब सोन जुही जोति वारी है । जामते रसाल लाल करना कदम्बते वै , बढ़ी है नवेली सुनु केतकी …