Category: चतुर्भुजदास

माखन की चोरी के कारन

माखन की चोरी के कारन, सोवत जाग उठे चल भोर। ऍंधियारे भनुसार बडे खन, धँसत भुवन चितवत चहुँ ओर॥ परम प्रबीन चतुर अति ढोठा, लीने भाजन सबहिं ढंढोर। कछु …