Category: चिरंजीव

बड़ भागिनी रूप की रासि प्रिये

बड़ भागिनी रूप की रासि प्रिये , अनरीति हिये ते बहाइये जू । अब प्रीति के पँथ महानिधि मेँ , अबला अपनो मन लाइये जू । चिरजीवी तुम्हैं कर …