Category: चिराग राजा

प्रेम का उजियाला

प्रेम का उजियाला फैलाने हेतु हर अंधकार का दमन करेंगे सितारों सी चमक चांद सी शीतलता से जन-मन को रोशन करेंगे द्वेष और भेदभाव की धूलि के कण-कण मे …

जीवन-पथ

सच्चे पथ पर चलने वाला आगे बढता जाता है फूल बन महक फैलाता है जहा शूल से टकराता है क्षण-प्रतिक्षण अग्रसर होना ही इनसान का मौलिक कर्म है जन …

गजल

गीत लिखूँ या प्रीत लिखूँ हारा हूँ कैसे मैं जीत लिखूँ प्रेम को अपना जीवन आधार लिखूँ या द्वेष भरा यह संसार लिखूँ जो श्रम से भी न मिल …

प्रकृति गान

नवप्रभात की सुंदर छटा मे,  विहंगो का कर्णमधुर कलरव.. अलंकृत कर मधुर सुरों को, बनाता नवीन गीत भैरव….    दिवाकर की नव आशा प्रदत्त, धूप का वह विस्तृत बिखराव. इंगित अपने …

जीवन

कान्टो भरा जीवन है, जीवन मे कान्टे है. दशा देखो उस दीन की, माटी मे अन्न छाटे है.. मार्ग विचलित पथिक है ये सारे, मात्र जीवन कला न पाये …