Category: चंद्रेश कुमार छतलानी

लहरा के कहता है तिरंगा – बाल कविता

लहरा के कहता है तिरंगा सब जवानों आज तो तुम्हें बचाना है अपनी भारत माँ की लाज को पी कर जिसके दूध को बने करमचंद से महात्मा भगतसिंह सुभाष …

स्वयम हूँ स्वयम से दूर

मैं अपूर्ण हूँ, फिर भी मैं केवल मैं ही हूँ | स्वयम की स्वीकृति की साथ हूँ, लेकिन अपर्याप्त हूँ| मैं जानता हूँ कि वो निर्विकार मुझमे समाहित है …