Category: चंद्रभूषण

एक ख़बर का ब्योरा

बच्चे हर बार दिल लेकर पैदा होते हैं और कभी-कभी उनके दिल में एक बड़ा छेद हुआ करता है जिसमें डूबता जाता है पैसा-रुपया, कपड़ा-लत्ता, गहना-गुरिया, पी.एफ.-पेंशन फिर भी …

शादी वाली फिल्में

खुदा को हाज़िर-नाज़िर मानकर की गई शादियां जल्द ही ख़ुदा को प्यारी होती हैं और वे, जो की जाती हैं अग्नि को साक्षी मानकर, कभी लाल चूनर को समिधा …

भूख से कोई नहीं मरता

इस देश में भूख से कोई नहीं मरता कालाहांडी, पलामू , यवतमाल और दीगर जिलों के आदिवासी मरते हैं सड़ा-गला खाना या जहरीली गेंठी खाकर ऐसी ही ऊलजलूल उनकी …

जुड़वाँ बच्चे बारिश के

टिप-टिप टिप-टिप नन्हीं झींसियों से नम पहली बारिश की सुबह नर्म-नर्म-नर्म किन-किन कोनों से उचक-उचक झांकता बिछल-बिछल नजरों से भाग-भाग जाता रंग एक अजनबी गूंजता कहां-कहां उलांचता-कुलांचता सरगम के …

यही सही

गाने के नाम पर मौके-बेमौके गला फाड़ चिल्लाने का समय है चमचों के एसएमएस गिनकर महानायक चुनवाने का समय है देखो हम कितने दुखी-दुखी-दुखी और हम ही कितने सुखी-सुखी-सुखी …

अरावली का तेंदुआ

नाक से रिसता गाढ़ा ख़ून टूटा दांत और फूटा सिर लिए झपटता-सा खड़ा है पिंजड़े में बंद क्रोध और बेचारगी से फनफनाया हुआ अरावली के जंगलों का खूंखार तेंदुआ …

रात जैसा दिन

काले सलेटी आकाश के बीचो बीच कलौंछ कत्थई लाल अंधेरा फेंकता चाक जितना बड़ा कटे चुकन्दर जैसा सूरज गीले चिपचिपे ग्रह का बहुत लम्बा बैंगनी सियाह दिन देख रहे …

मैं तुमसे लड़ना चाहता हूँ

प्लास्टिक के सस्ते मुखौटे सा गिजगिजा चेहरा आंखों में सीझती थकान बातें बिखरी तुम्हारी हर्फों तक टूटे अल्फाज़ तुमसे मिलकर दिन गुजरा मेरा सदियों सा आज इस मरी हुई …

तर्पण

जमीन छोड़ी होती तो इतने कलेस के बाद ज्यादा सोचने की जरूरत न पड़ती खींचकर खर्रा मुंह पर मारता और कहता ले लो इसे जहां लेना हो अपन तो …

बीच समुंदर गोपी चंदर

इतने जहाजों में इतनी बार इतने मुल्क़ों का सफ़र गया नहीं फिर भी मन से ऊँचा उड़ने का डर अछोर खालीपन में खूँटी खोजते नज़र गड़ाए रखना अधर में …

एक रसढारक प्रणयगीत

हरियर फुनगी नजर न आए पीयर पात चहूँ दिस छाए हवा हिलोरि-हिलोरि बहे मोरे मन महं आज बसंत रहे गोरी तोरी देह बहुत सुकुआरी केस झकोरि-झकोरि कहे तोरे संग-संग …