Category: चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी

सच कड़वा

अखबार की कतरनों को लोग कूड़ेदान में डाल देते हैं जबकि काल्पनिकता की पुट लिए कविता और कहानी को लोग गले लगाते हैं और अमर साहित्य की श्रेणी में …

शराबबंदी

शराबबंदी मैं शराब बंदी का समर्थक हूँ, इसीलिये शराब के बोतल में शराब के बदले पानी भरकर बेचता हूँ | लोग शराब की दूकान पर पिकेटिंग करते हैं और …

त्रिविम

मैं ढूँढता रहा अंतर, अपनी बोली में अपनी वेश-भूषा में अपनी मजबूत मांसपेशियों में, अपने बालों के रंग में अपने गालों की चमक और चिकनाई में, अपनी हुनर में …

अनंत की उड़ान

नीले आकाश में पंक्तिबद्ध धवल पक्छी उड़ रहे थे और मैं टकटकी लगाए लगातार देख रहा था| नैसर्गिक दृश्य ! पंक्तियों को तोड़कर अपने संगियों को छोड़कर एक पक्छी …

नर और नारायण

नर और नारायण में अंतर क्या? क्या नर नारायण की देन हैं या नर की नारायण देन हैं? प्रश्न संकुचित नहीं हुआ जबसे हमने इसके विस्तारण और समीचीन निस्तारण …

मुक्ति (सेदोका)

१. स्कूली दिन, उभरता व्यक्‍तित्व, उठती आकांक्षायें। निर्दोष मन, कल्पनाशील दिल, खुला मस्तिष्क मेरा। २. नजरें पड़ीं उनपर जबसे नींद गयी, बेचैन मन मंदिर में नृत्य करे मोर; पल …

तुम

तुम साँवला रंग, चमक चेहरे की लुभाती मुझे। आँखें खोजतीं तुम्हें हर जगह, हर कदम। पवन चाल से जब तुम आतीं, नाचता मन। धड़के दिल करता धक-धक फूलती साँसें! …

अस्थिदान

वृत्रासुर के अत्याचार से त्रस्त हो, देवता लोग पहुँचे ब्रह्मा के पास। और गुहार की तथा आर्त्तनाद किया कि अब नहीं सहन होता वृत्रासुर का त्रास। ब्रह्मा धीमान हैं …