Category: चन्दन राठौड़

Tofe Me Kya Du Dada Ji (तोफे में क्या दु दादा जी) POEM NO. 35 (Chandan Rathore)

POEM NO. 35 ——— तोफे में क्या दु दादा जी ——– हर ख़ुशी दी आप ने मुझे हर दुःख से बचाया मुझे आप के जन्मदिवस पर क्या तोफा दू …

मेरा केमरा (POEM NO.23)

सब की खुशियों में शामिल होता मेरा केमरा सब के होठो पर मुश्कान लाता मेरा केमरा तुम्हारी यादो में जाकता मेरा केमरा तुम्हारी हँसी ठिठोली में सामने होता मेरा …

मेरी कहानी मेरी जुबानी

आज  आया  में  दुनिया   में आज  देखा  मेने  ये  संसार बड़ा  ही  प्यारा  बड़ा  ही  सुन्दर   हे  ये  संसार माँ  ने  मुझे  अपने  गले  से  लगाया उसने  मुझे  आज  …

Aai Diwali (आई दीपावली) POEM No. 15 (Chandan Rathore)

आई  दीपावली संग  खुशिया  लाई सब  को  खुश  करने  वो  आई बाबा  मेरे  मिठाई  भी  लाना संग  उसके  कुछ   दिये  लाना घर  में  बने  मेने  हे  रंगोली उसमे  हे  …

खड़ा हु उस मंजर पर (POEM NO. 8)

खड़ा  हु  उस  मंजर  पर  जहा  कोई  सहारा  देने  वाला  नही टूट  जाऊँगा  कभी  भी  कोई  थामने  वाला  नहीमरूँगा  सान   से   पर  जिंदिगी   भर  किसी  के …

Manav sarir ki antim yaatra (मानव शरीर की अंतिम यात्रा) POEM No. 7(Chandan Rathore)

जिन्दगी की कसमकस से दूर एक सैया पे सोये हें | एक तरफ घी का दीपक दूसरी और कूल का दीपक रो रो कर अपने अपनों को बुला रहे …

Chhalka aankh se aansu (छलका आँख से आंसू ) POEM No. 3 (Chandan Rathore)

चल पड़ी कलम जब छलका आँख  से आंसू सब तरफ सन्नाटा  ही सन्नाटा फिर क्यों छलका ये आंसू सो रहा हे ये जंहा और में उठ खड़ा हुआ जब …

Beti ek gulshan he (बेटी एक गुलशन हे) POEM No. 6 (Chandan Rathore)

बेटी एक गुलशन है बघिया  का चमन का खिलने दो महकने दो बेटी करेगी हर सपना पूरा बचपन से लेके समशान  तक बेटी का अपमान ना कर ऐ इंशान …

Gale laga le maa (गले लगा ले माँ) POEM No. 1 (Chandan Rathore)

आईना देख के मुझको  बोलो क्या हुआ तेरी सूरत को मुझसे ना रहा गया और अशुओ की बरसात हो गई   तेरे लिए दुनिया  की सारी खुचिया ला दू …

लड़की सब को चाहिए पर बेटी किसी को नही

अरे बेटी  को  मारते   हो  बेटी  क्या  होती  हे  ये  हम  आप  को  बताते  हे  हमारे   विचारो  से बेटी  एक  सम्मान  हे  जो  सब  को  मिलना  चाहिए बेटी   एक  …

Beti balidano ka ghar (बेटी बलिदानों का घर) POEM No. 4 (Chandan Rathore)

हुई बेटी की विदाई तब जाना क्या होती हे बेटी बचपन से पला पोसा सब प्यार दिया आज जब वो दूर हुई तो जाना क्या होती हे बेटी बेटी …