Category: बिहारी

राख हुए जाते हैं……

संग्रह- इन्द्र देव चवरे (1)  राख हुए जाते हैं जिसके लिए ही रचे हैं अडम्बर जात, जिसके लिए ही साज़-बाज सजवाते हैं | जिसके लिए रत्न-भूषण खरीदे जात, जिसके  …