Category: बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’

सरहदी मधुशाला

सरहदी मधुशाला मधुशाला छंद (रुबाई) रख नापाक इरादे उसने, सरहद करदी मधुशाला। रोज करे वो टुच्ची हरकत, नफरत की पी कर हाला। उठो देश के मतवालों तुम, काली बन …

“शिवेंद्रवज्रा स्तुति”

“शिवेंद्रवज्रा स्तुति” परहित कर विषपान, महादेव जग के बने। सुर नर मुनि गा गान, चरण वंदना नित करें।। माथ नवा जयकार, मधुर स्तोत्र गा जो करें। भरें सदा भंडार, …

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा)

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा) अस्थिपिंजर कफ़न में लिपटा एक ठूँठ सा। पूर्ण उपेक्ष्य मानवी जीवन का कटु घूँट सा। स्लेटी बदन उसपे भाग्य लिखे मैलों की धार। कटोरा …

लम्बे रदीफ़ की ग़ज़ल (कज़ा मेरी अगर जो हो)

(सबसे लम्बे रदीफ़ की ग़ज़ल) काफ़िया=आ रदीफ़= *मेरी अगर जो हो, तो हो इस देश की खातिर* 1222×4 खता मेरी अगर जो हो, तो हो इस देश की खातिर, …

भारत यश गाथा

“भारत यश गाथा” ज्ञान राशि के महा सिन्धु को, तमपूर्ण जगत के इंदु को, पुरा सभ्यता के केंद्र बिंदु को, नमस्कार इसको मेरे बारम्बार । रूप रहा इसका अति …

वन्दना

“वन्दना” इतनी ईश दया दिखला, जीवन का कर दो सुप्रभात। दूर गगन में भटका दो, अंधकारमय जीवन रात।।1।। मेरे कष्टों के पथ अनेक, भटका रहता जिनमें यह मन। ज्ञान …