Category: बन्टी ‘विकास’ माहुरे

ख़ूबसूरती,,,,,,

ऐ बूत-ए-संगमरमर माना मूझसे तेरी खुबसुरती लाख हैं पर बात होती है जिस जगह दिल और ज़ज्बात की वहाँ तेरी क्या औक़ात हैं \\\\\विकास/////

वाह तेरे क्या कहने,,,,,,,,,,,,,,

||यूं ही कम ना थी जिंदगी की उलझने उस पर भी ये दिल दिया तेरी खुदाई के क्या कहने|| रोता हुँ मैं बिलखता हुँ मैं हर आह मे बस …

“””हमसफ़र”””

मंज़ील तक दोगे साथ मेरा जैसे कोई राह हो॥ दिल की गहराई में डुब जाओ गर मेरी चाह हो॥ छोड़ दो हाँथ मेरा बाद मे बड़ी ही मुश्कील होगी॥ …

“””ऐ चाँद”””

“मैने चान्द से पूछा”-~कि अये चान्द किसके लिये तु रातो को जागता है,,,,,आखिर कौन है जिसके लिये इस दिशा से उस दिशा भागता है,,,,,इस दूनिया मे तो लोग तेरा …

“””वन्दे मातरम्”””

तूही मेरी हसरतो में, तूही दिल का शुकुन हैं तेरी खुश्बू है सांसो में,तेरे ही रंग रंगा मेरा खून हैं ऑखे खुले तो तेरा नज़ारा,जूबां पर बस तेरी ही …

नव वर्ष

शुभ प्रभात और पूराना साल मूबारक हों क्यूकि “”तारीखें बदलती है हालात कभी नही बदलते हैं मंज़ीलो पर हूक़ुमत उन्ही की जो वक्त के साथ चलते हैं दिन दस्तुर …

“”””मैं कौन हूँ””””

इस अनजानी दूनीया मे अनजान,,,,, “मै कौन हू”,,,,,,,,,, इन समझदारो की भीड़ मे एक नादान,,,,, “मै कौन हू”,,,,,,,,,, सच्चाई का चोला ओढ़े दगाबाज़ो सँग खड़ा हो रहा बदनाम,,,,, “मै …

खीदमतगार

किस तरह से पेश आऊ तेरी खिद़मत में ऐं हूज़ूर मेरी शराफ़त से तो बल पड़ते है तेरी पेशानी मे और दगाबाज़ो की चिकनी बाते तूझे सूकून देती हैं,,,,, …