Category: आज़ाद अंसारी

फुटकर शे’र

तबीयत ही दर्द-आश्ना हो गई। दवा का न करना दवा हो गया॥ यूँ याद आओगे हमें इसला खबर न थी। यूँ भूल जाओगे हमें वहमों-गुमाँ न था॥ आह! किसने मुझे …