Category: अवधेश कुमार यादव

अधूरा प्यार और पूरी खुशियाँ

शिसकियां लेता रहा, मैं खड़ा उस राह पर, उनकी नजरे जा पड़ी, दूसरी किसी राह पर मैं वहीं गुमराह था, फिर कही मिल जाएं हम जैसे ही देखा उन्हे …