Category: अतुल कनक

शेर को चूमती हुई लड़की का फोटो अखबार में देखकर

(1) उस का प्रेम ही तो है जो हौंसला देता है शेर का भी चुबन ले लेने के लिये/ नहीं तो कितनी सी देर लगती है आत्मीय मर्द को …

सबक

पौसाळ जाती बेटी का हाथाँ में, नतके सौंपूँ छूँ एक पुसप गुलाब को/ सिखाबो चाहूँ छूँ अष्याँ के धसूळाँ के बीचे र्है’र भी कष्याँ मुळक्यो जा सकै छै, अर …

अखबार में नाहर चूमती बायर को फोटो देख्याँ पाछै

(1) ऊँ को हेत छै जे हौंसलो द्ये छै नाहर के ताँई भी चूम लेबा को न्हँ तो कांई जेज लागे छै मनख्यावड़ा मरद ईं भी मनखखोर होबा में? …