Category: असर लखनवी

शेर ८- असर लखनवी

(1) ताइरे-जाँ!1 कितने ही गुलशन तेरे मुश्ताक2 है, बाजुओं में ताकते – परवाज3 होना चाहिए। (2) तुझको है फिक्रे-तनआसानी4 ‘असर’, जिन्दगी कुर्बानियों का नाम है। (3) तुम्हारा हुस्न आराइश5, …