Category: असद ज़ैदी

दिल्ली की नगरिकता / असद जैदी

(विश्वनाथ और हरीश के लिए ) जैसी पाँचवीं कक्षा में गणित मेरे लिए वैसी इस शहर में भीड़ थी फ़्लैशबैक ख़त्म हुआ । बारिश में भीगता एक रोज़ चला …

घंटी / असद जैदी

धरती पर कोई सौ मील दूर सुस्त कुत्ते की तरह पड़ा हमारा दर्द अचानक आ घेरता है नए शहर में तेज़-रफ़्तार वाहन पर बैठे-बैठे आँखें मुंद जाती हैं मेज़बान …

पुस्तैनी तोप /असद जैदी

आप कभी हमारे यहाँ आकर देखिए हमारा दारिद्रय कितना विभूतिमय है एक मध्ययुगीन तोप है रखी हुई जिसे काम में लाना बड़ा मुश्किल है हमारी इस मिल्कियत का पीतल …