Category: अरूण कुमार झा ‘बिट्टू’

ऐ मेरी प्यारी गुड़िया

ऐ मेरी प्यारी गुड़िया जीवन से भरी,खुशियो की कड़ी जब से आई तू मेरे अंगना मेरे भाग्य खुले घर लछ्मि बसी ऐ…… तेरे मासूम सवालो की लड़ी तोतली जुवा …

एक फैसला

एक फैसला आया हुआ विश्वास गेहरा इन्साफ मिलता है,कानून पर फिर विश्वास ठेहरा दरिन्दे छूट नही सकते अगर हमने है ठानी हैं न्याल्लय,वर्दि वाले बड़ी मेहरबानी मॉ बापु के …

मुहीब्बत को रहने ही दें

कदम उठाए सब आहे भरे पल्के उठाए तो जन्नत लगे मुश्कान से उसकी दिल की कलिया खिले देना हैं तो प्रभू एैसा महबूब दे नही तो ये मुहाब्बत को …

विकाश की जेट यान पर अब भारत मेरी सवार हुई

मिल गया हॉ मिल गया कोई सितारा मिल गया सूरज की तरह चमकने वाला एक तारा मिल गया भर्ष्टाचारियो के बेड़ियो से भारत आज आजाद हुई हॉ विकाश की …

छोर छोर वार थोरा प्यार बांट ले

छोर छोर वार थोरा प्यार बांट ले जिवन के है दिन चार अपने जुल्म थाम ले कभी सोचता है उनपर क्या बीतती है बात जिनकी गोद सूनी और जो …

हिम्मत न हार बन्दे

हिम्मत न हार बन्दे सब कुछ तेरे हाथ हैं मेहनत के नीव पर ही होते सब काज हैं दर्द के तुफान में भी हौसला बनाए रख उम्मीद की ज्योती के लौ को तू जलाए रख तप कर ही सोने पर आता नीखार हैं हिम्मत न हार……………   किश्मत निगोरी भी कब तक भरमायेगी कोशिसो की गर्मि से ये भी पिघल जाएगी अर्जुन सा मन्जिल पे नजरे टिकाए रख विश्वास के साथ अपनी चाल को बनाए रख मुहाम्मद गौरी का अ भी जिन्दा इतिहास हैं हिम्मत न.…………… मानता हूं उसके मर्जी बिन पत्ता भी नही हिलता हैं पर भूलता हैं क्यो तू वो पिता हम बच्चा हैं लायक हो बच्चे तो मां बाप भी झुक जाते हैं बच्चे की खाहिस के लिए हद से गुजर जाते हैं वो भी गुजरेगा जो तु लगन से करे काज हैं हीम्मत …

मैं चंचल मदमस्त हवा

मैं चंचल मदमस्त हवा बेहती हूं मै बलखाती हुई इठलाती हुइ लहराती हुई मुझको क्या रोक सकेगा कोई गर्मी से व्याकुल खोलीपट रखती थी खुद को छुपाती हुई घुसी …

ऐ जिन्दगी तेरे इतने मिजाज है क्यो

ऐ जिन्दगी तेरे इतने मिजाज है क्यो सब देते अलग अलग तुझे नाम है क्यो फूलो से पूछा कहते हैं बस मुस्कान है तू भवरो के लिए बस प्यार …

निगाहे बोलती हैं

निगाहे बोलती हैं इन्सान के हालात के पत्तो को खोलती हैं क्या चल रहा हैं दिल मे क्या बीज किसी ने बोया हैं क्या काटने की चाहत क्या अरमान …