Category: अरूण कुमार झा ‘बिट्टू’

सोच-अरूण कुमार झा बिट्टू

मत सोच की तू कमजोर हैं प्यारे हैं निर्बल नही ,तू जग का वीर हॉ सोचेगा मैं निर्बल हूं तो हो जाएगा निर्बल और दीन अपनी भुजा से मसल …

मानता हू जिन्दगी ने मुझे कम दिया- अरूण कुमार झा बिट्टू

मानता हू जिन्दगी ने मुझे कम दिया पर ये कम है क्या तेरे जैसा सनम दिया जब भी आई बरसात दर्दे गम का तेरी प्यार ने हर दर्द को …

वन्दना-अरूण कुमार झा बिट्टू

हे शिव कठपुतली हम और तेरे हाथो मे हैं डोर तू चाहे सम्भाल ले हमको छोर दे चाहे जीवन डोर हे शिव…… मान मिले सम्मान मिले तू चाहे उसको …

इन्तजाम- अरूण कुमार झा बिट्टू

आजादी के दशको बीते फिर भी दिन बेहाल हैं उफ आज भी मेेरे भारत में भूखे सोते परिवार हैं बच्चो की माशूमियत दर दर भटकती फिरती हैं लाल बत्ती …

यातायात- अरूण कुमार झा बिट्टू

ये दो पहिया ये चार पहिया ये छः पहिये की गाड़ी देखो कैसे हैं जा रही जाने है किसकी बारी यहा टूटा वहा फूटा कही किसी की जान गई …

नारी दशा- अरूण कुमार झा बिट्टू

क्या कहू की धीरज बंधक हैं सपनो का वो आकाश नही हर एक फिजा हारी गैरत क्यो बेटी एैसी बेहाल हुई कुछ कोख मे मारी जाती हैं कुछ मरन …

सर्वशक्ती उन्नती का एक यही वरदान हैं- बिट्टू

सर्वशक्ती उन्नती का एक यही वरदान हैं सहयोग हो हर एक जन का ,तभी सरल हर काम हैं वो महल भी बिखर गया है जहा दिलो मे खटास हैं …

ऐ मेरी प्यारी गुड़िया

ऐ मेरी प्यारी गुड़िया जीवन से भरी,खुशियो की कड़ी जब से आई तू मेरे अंगना मेरे भाग्य खुले घर लछ्मि बसी ऐ…… तेरे मासूम सवालो की लड़ी तोतली जुवा …

एक फैसला

एक फैसला आया हुआ विश्वास गेहरा इन्साफ मिलता है,कानून पर फिर विश्वास ठेहरा दरिन्दे छूट नही सकते अगर हमने है ठानी हैं न्याल्लय,वर्दि वाले बड़ी मेहरबानी मॉ बापु के …

मुहीब्बत को रहने ही दें

कदम उठाए सब आहे भरे पल्के उठाए तो जन्नत लगे मुश्कान से उसकी दिल की कलिया खिले देना हैं तो प्रभू एैसा महबूब दे नही तो ये मुहाब्बत को …

विकाश की जेट यान पर अब भारत मेरी सवार हुई

मिल गया हॉ मिल गया कोई सितारा मिल गया सूरज की तरह चमकने वाला एक तारा मिल गया भर्ष्टाचारियो के बेड़ियो से भारत आज आजाद हुई हॉ विकाश की …

छोर छोर वार थोरा प्यार बांट ले

छोर छोर वार थोरा प्यार बांट ले जिवन के है दिन चार अपने जुल्म थाम ले कभी सोचता है उनपर क्या बीतती है बात जिनकी गोद सूनी और जो …

हिम्मत न हार बन्दे- अरूण कुमार झा बिट्टू

हिम्मत न हार बन्दे सब कुछ तेरे हाथ हैं मेहनत के नीव पर ही होते सब काज हैं दर्द के तुफान में भी हौसला बनाए रख उम्मीद की ज्योती के लौ को तू जलाए रख तप कर ही सोने पर आता नीखार हैं हिम्मत न हार……………   किश्मत निगोरी भी कब तक भरमायेगी कोशिसो की गर्मि से ये भी पिघल जाएगी अर्जुन सा मन्जिल पे नजरे टिकाए रख विश्वास के साथ अपनी चाल को बनाए रख मुहाम्मद गौरी का अ भी जिन्दा इतिहास हैं हिम्मत न.…………… मानता हूं उसके मर्जी बिन पत्ता भी नही हिलता हैं पर भूलता हैं क्यो तू वो पिता हम बच्चा हैं लायक हो बच्चे तो मां बाप भी झुक जाते हैं बच्चे की खाहिस के लिए हद से गुजर जाते हैं वो भी गुजरेगा जो तु लगन से करे काज हैं हीम्मत …

हथियार चुनो- अरूण कुमार झा बिट्टू

हम हैं सबल फिर भी दुश्मन ललकार रहा वो जानता हमे शान्ति प्रियता ने बांध रखा पर कब तक अब तो मन की ललकार सुनो शांति विजय को आ …