Category: अंकुर शर्मा

मैं अक्सर भूल जाता हूँ।

जबसे दूर तू मुझसे हुआ है ऐ मेरे हमदम, हर किसी बात में तेरा ज़िक्र आ ही जाता है; सुनकर भी तुझको अनसुना कर देता हूँ मगर, तेरा नाम मेरे मन की …

धुंधली यादें

यार फिर बैठा हूँ कुछ लिखने, पर गालों पे शबनम और आँखें नम हैं, धुंधली हैं यादें धुंधला ज़माना, धुंधला है कागज़ धुंधली कलम है; जहाँ तक देख सकती हैं आँखें , …

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर

तू सबका मुकद्दर, तू सबका पयम्बर, मैं ढूँढू तुझे हर, कदम-दो-कदम पर, दुनिया का कण-कण तुझही से बना है, ये चंदा ये सूरज, सब तुझमें समा है, कहे जो …

खुदा जाने क्या होगा – शायरी

किसी के लफ्ज़ सुनने को, ये दिल बेताब है इतना; जितना तुम्हें मयखाने जाने का शौक क्या होगा; एक बार देखा था उसे, तो महीना फलक पर गुज़ारा था; …

शायरी – तमन्नायें

मेरी आँखों में देखोगी, तमन्नायें तुमको पाने की, तुम्हारे ख्वाबों पर ज़ालिम, हमेशा मर-मिट जाने की, मन में,दिल में,राहों में, फ़क़त तुम ही समायी हो, कहो किसने इजाज़त दी, …

जब दर्द से दिल भर आता है

जब दर्द से दिल भर आता है, मैं कागज़-कलम उठाता हूँ, तेरी याद सुर सुनाती है, मैं ताल मिलाता जाता हूँ। इस उम्मीद-ए-दुनिया में मैं, उम्मीद बचाता जाता हूँ, …

छोड़ दिया शायरियाँ सुनाना

छोड़ दिया शायरियाँ सुनाना आपके इस दोस्त ने, गम भरी दास्ताँ को गाना आपके इस दोस्त ने, फिर भी कभी दिल करे तो आईयेगा शौक से, नहीं छोड़ा हाल-ए-दिल …

जब रात अंधेरी हो बलमा

जब रात अंधेरी हो बलमा, घनघोर अंधेरा छाया हो, दिल सहमा-सहमा हो मेरा, मुझसे मिलने तू आया हो। दुनिया जगती या सोती हो, आँखें हसती या रोती हो, जब-जब …