Category: अंकित पुलकित ‘असरार’

तडपती रान सारे

******* तडपती रान सारे************* हे तडपती रान सारे, तडपती फुल बागा आगीसारख्या या उन्हाने जीवन उजाडला सारा //धृ// भट्टी तापिली तापिली वर कोऱ्या आभाळाची, सर्व प्राण्यांपक्ष्यांना लागली चाहूल प्राणाची …

करती है सरकार भैया।

करती है सरकार भईया।। आजकल व्यापार भईया।। इन्हें तो बस वोट चाहिए। देश का बंठाधार भईया।। गुंडे मवाली छुटभैयों से संसद है लाचार भईया। किसे पड़ी है सच बोलेगा …

डर तो लगता है तुझे भी मेरी बेरुखी से….

डर तो लगता है तुझे भी मेरी बेरुखी से…. जो तु आज कल मुझपे इतना महरबान है!! कंही हो ना जाए ये आँखे गम… कंही हो ना जाये ये …

जब से होश सम्भाला है..

जब से होश सम्भाला है.. खुद को जहानत कि दुनिया में पाया है.. इस जंहा में कदम रखने को .. ना जाने कितने अपनों को मेने ठुकराया है बड़ी …