Category: आनन्द विश्वास

बच्चो,चलो चलाएं चरखा

बच्चो,चलो चलाएं चरखा …आनन्द विश्वास बच्चो, चलो चलाएं चरखा, बापू जी ने इसको परखा। चरखा अगर चलेगा घर-घर, देश बढ़ेगा इसके दम पर। इसको भाती नहीं गरीबी, ये बापू …

शक्ति-स्वरूपा बेटी हो

शक्ति-स्वरूपा बेटी हो …आनन्द विश्वास परी-लोक में मत भरमाओ, आज देश के बचपन को। परी-लोक सा देश बनाकर, दे दो नन्हें बचपन को। क्यों कहते हो स्वर्ग-लोक में, निर्मल …

छोटे-छोटे बच्चे हम हैं

छोटे-छोटे बच्चे हम हैं …आनन्द विश्वास छोटे-छोटे बच्चे हम हैं, काम करें हम बड़े-बड़े। हम हैं छोटे चींटी जैसे, हाथी हमसे हारा है। आत्मशक्ति से ओत-प्रोत हैं, सत्-पथ हमको …

*चलो, करें जंगल में मंगल*

*चलो, करें जंगल में मंगल* …आनन्द विश्वास चलो, करें जंगल में मंगल, संग प्रकृति के जी लें दो पल। बतियाएं कुछ अपने मन की, और सुनें उनके जीवन की। …

एप्पल में गुण एक हजार

एप्पल में गुण एक हजार …आनन्द विश्वास एप्पल में गुण एक हजार, एप्पल खाओ हर दिन चार। नित्य नियम से जो खाता है, हृष्ट-पुष्ट वह हो जाता है। एप्पल …

मेरे जन्म दिवस पर मुझको

मेरे जन्म दिवस पर मुझको …आनन्द विश्वास मेरे जन्म दिवस पर मुझको, पापा ने उपहार दिया है। सुन्दर पुस्तक *देवम* दी है,पढ़ने वाला प्यार दिया है। पुस्तक में बालक …

मेरा गुड्डा मस्त कलन्दर

मेरा गुड्डा मस्त कलन्दर …आनन्द विश्वास मेरा गुड्डा मस्त कलन्दर, नाचे ऐसे जैसे बन्दर। उछल कूद में ऐसा माहिर, शैतानी उसकी जग जाहिर। एक बार बस चाबी भर दो, …

मेरी गुड़िया छैल-छबीली

मेरी गुड़िया छैल-छबीली आनन्द विश्वास मेरी गुड़िया छैल-छबीली, जींस पहनती गहरी नीली। इलू-इलू बोले वह सबको, प्यार बाँटती सारे जग को। काला चश्मा लाल रुमाल, और सुनहरे सुन्दर बाल। …

ऊपर वाले बहुत बधाई

ऊपर वाले बहुत बधाई …आनन्द विश्वास ऊपर वाले बहुत बधाई, जो तूने बारिश करवाई। कितने दिन से तरस रहे थे, पल-पल कैसे उमस भरे थे। उफ़ गर्मी,क्या गर्मी थी …

सुबह सबेरे त्राटक योगा

सुबह सबेरे त्राटक योगा …आनन्द विश्वास सुबह सबेरे त्राटक योगा, सुन्दर तन-मन, भागें रोगा। हल्की जौगिंग जो हो जाए, सारा दिन मंगल-मय होगा। दादा जी अक्सर कहते हैं, योगा …

गरमागरम थपेड़े लू के

गरमागरम थपेड़े लू के …आनन्द विश्वास गरमागरम थपेड़े लू के, पारा सौ के पार हुआ है, इतनी गरमी कभी न देखी, ऐसा पहली बार हुआ है। नींबू – पानी, …

नानी वाली कथा-कहानी.

नानी वाली कथा-कहानी. …आनन्द विश्वास नानी वाली कथा-कहानी, अब के जग में हुई पुरानी। बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी। बेटी-युग में बेटा-बेटी, सभी पढ़ेंगे, …

मेरे देश की माटी सोना…

मेरे देश की माटी सोना… मेरे  देश  की  माटी  सोना, सोने का  कोई काम ना, जागो   भैया   भारतवासी,  मेरी   है   ये   कामना। दिन तो  दिन है  रातों को  भी …

और रात भी बीती रोते

और  रात  भी  बीती  रोते   और    रात   भी   बीती   रोते, अश्रु   नयन  के  उर  में  बोते।   सारी   उम्र    बिता   डाली   है, अपना   लाश  स्वयं …

“तभी समझो दिवाली है”

“तभी समझो दिवाली है” यह कविता मेरी “मिटने वाली रात नहीं” काव्य-संकलन से ली गई है।   “तभी समझो दिवाली है”   जलाओ  दीप जी  भर कर, दिवाली   आज …

मस्त पवन के संग-संग

मस्त पवन के संग-संग  खेत-खेत   में   सरसों   झूमे,   सर-सर   वहे   वयार,  मस्त पवन के संग-संग आया मधुऋतु का त्योहार। धानी   रंग  से   रंगी …

सुन लो भैय्या, कान खोल कर

सुन लो भैय्या, कान खोल कर मानव – मन चंचल होता है, ये मानव की लाचारी, सुन लो भैय्या, कान खोल कर, हम हैं भ्रष्टाचारी। जिसको जितना मिला, जहाँ …

चलो कहीं पर घूमा जाये

चलो  कहीं  पर  घूमा  जाये चलो    कहीं   पर   घूमा   जाये, थोडा   मन    हल्का   हो   जाये। सबके   अपने –  अपने   गम   हैं, किस  गम  को  कम  आँका …

अपना घर अपना होता है

अपना घर अपना होता है अपना  घर   अपना  होता है, ये जीवन का  सपना होता है। बड़े शहर  में घर  का सपना, केवल  इक  सपना  होता है। बड़े   भाग्य …